Bank Privatisation : ये सरकारी बैंक हो जायेंगे प्राइवेट

Written by Team Sarkari Aadmi

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Bank Privatisation : अभी वर्तमान में आई एक रिपोर्ट के अनुसार आपको बता दें कि सरकारी बैंकों ने अपने बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही बैड लोन को भी कम किया है। ऐसे में कई बैंकों के प्राइवेट करने को लेकर एक बार फिर से चर्चा हो रही है। इसको लेकर RBI और नीति आयोग मिलकर लिस्ट तैयार करेंगे …., 

सरकारी बैंकों ने अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के साथ ही अपने बैड लोन को भी कम किया है. ऐसे में कई बैंकों को प्राइवेट करने को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है। देखा जाये तो , सरकारी बैंकों के निजीकरण का मुद्दा सुलझता हुआ नहीं दिख रहा है।

अब वित्तमंत्रालय ने नीति आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक को नई लिस्ट तैयार करने का आदेश दिया है। वर्ष 2021-22 के बजट के समय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने निजीकरण की बात बताई थी। बता दें की , पिछले कुछ समय में केंद्र सरकार ने पब्लिक सेक्टर के कई बैंकों में कई बड़े बदलाव किए हैं। बीते तीन सालों के अंदर केंद्र सरकार ने 27 सरकारी बैंकों की संख्या को कम करके 12 कर दिया है।

बनेगी नई लिस्ट-

रिपोर्ट के अनुसार , निजीकरण के लिए उम्मीदवारों की नई लिस्ट तैयार करने के लिए वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ एक नए पैनल बनाने पर विचार किया जा रहा है। नीति आयोग ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण की सिफारिश किया है और इसके सुझाव वित्त मंत्रालय के समक्ष भी रखे हैं। इन दो बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं।

रिपोर्ट में इस बात को भी कहा गया है कि इन दो बैंकों की चर्चा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में भी किया था। इन दो बैंकों के साथ ही IDBI बैंक और एक सामान्य बीमा कंपनी के प्राइवेटाइजेशन का भी घोषणा किया था। लेकिन कुछ कारणों की वजह से इसे उस समय रोक दिया गया था और अब फिर से 2024 को नजर में रखते हुए इसकी कवायत शुरू होने की उम्मीद दिख रही है।

पैनल बनाने पर विचार-

केंद्र सरकार बैंको का निजीकरण करने के लिए मध्यम और छोटे साइज के बैंकों की पहचान करने के लिए एक पैनल बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार , पैनल इस चीज को भी तय कर सकता है कि सरकार बैंकों में अपनी कितनी हिस्सेदारी कम करेगी। साथ ही यह पैनल बेहतर वित्तीय मापदंडों वाले और बैड लोन को कम करने वाले बैंकों को दिए जाने वाले भार पर भी फैसला ले सकता है.

बता दें की , प्रस्तावित निजीकरण प्रक्रिया से पहले बैंकों ने छोटे बैंकों को मजबूत बनाने के लिए कमजोर बैंकों को बड़े बैंको में शामिल किया है। 1 अप्रैल 2020 से कुल 10 सरकारी बैंकों का विलय कर दिया गया है।

अब ये हैं 12 PSB बैंक-

12 प्राइवेट सेक्टर बैंकों में निचे दिए गए बैंक शामिल हैं –

भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और इंडियन ओवरसीज

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